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झारखंड में मौसम का कहर: 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, साइक्लोनिक सर्कुलेशन से बिगड़ा जनजीवन

झारखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम तेजी से बदल रहा है। पूर्व-पश्चिम दिशा से उठे साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर अब पूरे राज्य में दिखाई देने लगा है। सुबह की गर्मी और दोपहर की उमस के बाद अचानक बारिश और तेज हवाओं से लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन कई इलाकों में तबाही भी देखने को मिली है। 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और आंधी के कारण रांची, हजारीबाग, गुमला और सिमडेगा जैसे जिलों में दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए। हजारीबाग के विष्णुगढ़ में वज्रपात की चपेट में आने से एक 36 वर्षीय युवक की मौत हो गई है। राजधानी रांची में तेज बारिश के कारण कई जगह जलजमाव हो गया है और सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।

मंगलवार को राज्यभर में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश बोकारो में 45 मिमी हुई, जबकि रांची में महज डेढ़ घंटे में 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जेएन कॉलेज धुर्वा और कोकर साधु मैदान के पास सड़क पर पेड़ गिरने से आवाजाही में दिक्कतें आईं। जहां एक ओर बारिश ने कुछ राहत दी, वहीं पलामू प्रमंडल अब भी तप रहा है। मंगलवार को पलामू का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से अधिक था और राज्य का सबसे गर्म जिला बना रहा। रांची का तापमान भी सामान्य से थोड़ा कम रहा, लेकिन उमस और बादलों के बीच मौसम में बेचैनी बनी रही।

मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी 21 मई को राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। राज्य के अन्य उत्तर-पूर्वी जिलों में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। 22 मई को ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जिसमें 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवा और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।

23 और 24 मई को भी कुछ जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि 25 मई से मौसम में सुधार के आसार हैं। हालांकि, राजधानी रांची में 26 मई तक आंशिक बादल और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की उम्मीद है। इस अनिश्चित मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों पर वज्रपात से बचाव के लिए सतर्क रहना जरूरी है।

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