गिरिडीह के परसन गांव की एक मां ने बेटे की हत्या के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए वर्षों तक मजदूरी कर कोर्ट की लड़ाई लड़ी – और आखिरकार न्याय की जीत हुई। जिला जज प्रीति कुमारी की अदालत ने दोषी प्रयाग यादव, राजेंद्र यादव और वकील यादव को 10-10 साल, जबकि संतोष यादव और रामदेव यादव को 7-7 साल की सज़ा सुनाई है। यह फैसला आईपीसी की धारा 304, 147, 148, 149 के तहत हुआ। इस संघर्ष में अधिवक्ता संजीव कुमार राय ने पीड़िता का साथ देकर न्याय की मशाल जलाए रखी। यह सिर्फ एक फैसला नहीं, एक मां की अडिग हिम्मत की गूंज है — जो आज भी न्याय के मंदिर में गूंज रही है।












