पलामू के शांत बराहीधाम की धरती, जो वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है, अब एक ऐसे चमत्कारी अध्याय की गवाह बनने जा रही है, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे। मई 2022 में जब हनुमान जी की 105 फीट प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के समय महायज्ञ चल रहा था, तब जमीन की खुदाई में अष्टधातु की माँ दुर्गा की एक दुर्लभ प्रतिमा प्राप्त हुई। साथ ही दो रहस्यमयी सांप भी प्रकट हुए जो पल भर में अदृश्य हो गए। इस अलौकिक घटना ने श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया। हजारों की भीड़ की आंखों के सामने घटित हुए इस चमत्कार को आस्था के संकेत के रूप में देखा गया और वहीं निर्णय लिया गया कि यहीं बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा दुर्गा मंदिर।
अब यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और स्थापत्य का महायज्ञ बनने जा रहा है। 551 फीट ऊंचा दुर्गा मंदिर, जिसे “दुनिया का सबसे ऊंचा दुर्गा मंदिर” कहा जा रहा है, अपनी भव्यता से न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश का गौरव बनेगा। यही नहीं, इस पवित्र स्थल पर 151 फीट ऊंचा नवग्रह मंदिर भी निर्मित किया जाएगा। इस पूरे परियोजना के लिए 5 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहित की गई है और भूमि पूजन 14 मई को भव्य वैदिक अनुष्ठान के साथ संपन्न होगा। यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक समृद्धि का केंद्र भी बनेगी।
शिवांश चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा करवाए जा रहे इस निर्माण को केवल एक स्थापत्य उपलब्धि कह देना इसकी गरिमा को कम कर देगा। ट्रस्ट के संयोजक रंधीर कुमार सिंह का मानना है कि यह मंदिर “श्रद्धा और विश्वास का भव्य प्रतीक” होगा। दक्षिणमुखी हनुमान जी की पहले से मौजूद 105 फीट प्रतिमा के दर्शन के लिए बिहार, यूपी, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से श्रद्धालु बराहीधाम आते रहे हैं। हर मंगलवार को यहाँ भंडारा होता है, जो पिछले ढाई सालों से लगातार चला आ रहा है। अब माँ दुर्गा का यह दिव्य मंदिर इस धार्मिक परिसर को और भी गौरवशाली बना देगा।












