झारखंड राज्य को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्द ही स्पेन और स्वीडन के आधिकारिक दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरे का उद्देश्य राज्य में विशेष रूप से अक्षय ऊर्जा, खनन, हरित औद्योगिक इकाइयों, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को तलाशना है। इस यात्रा को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है और यह झारखंड के औद्योगिक विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री 11 वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम के साथ 19 अप्रैल को नई दिल्ली से स्पेन के लिए उड़ान भरेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल, जेएसएमडीसी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। यह टीम स्वीडन और स्पेन में निवेशकों और स्थानीय उद्यमियों से मुलाकात कर झारखंड में निवेश के अवसरों को प्रस्तुत करेगी।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल न केवल आर्थिक निवेश की संभावनाएं टटोलेगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण, जेंडर बजट, महिला उद्यमिता और लिंग समानता जैसे सामाजिक विषयों पर भी अनुभव साझा करेगा। दोनों देशों में महिला स्वास्थ्य और सामाजिक समावेश पर चल रही योजनाओं से सीख लेकर झारखंड में ऐसी पहलों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। यह दौरा नीति निर्माण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में राज्य के लिए एक प्रेरणास्रोत बन सकता है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री इससे पहले भी बंगाल बिजनेस समिट में भाग लेकर उद्योग जगत के दिग्गजों से मुलाकात कर चुके हैं। अब स्पेन और स्वीडन जैसे विकसित देशों का दौरा झारखंड को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने में सहायक हो सकता है। यह पहल न केवल राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि झारखंड को एक हरित, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।












