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रिम्स अस्पताल में मृत मरीजों के अंतिम संस्कार के लिए अब मिलेंगे 5,000 रुपये

कभी सोचा है कि जब किसी गरीब मरीज की अस्पताल में मौत होती है, तो उसके घरवाले कैसे उसकी लाश घर तक ले जाते हैं? किस दर्द से गुजरते हैं वो, जिनकी जेब में अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं होते? झारखंड की राजधानी रांची के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है — अब जिन मरीजों की मृत्यु इलाज के दौरान हो जाती है, उनके अंतिम संस्कार के लिए सरकार 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी। इतना ही नहीं, यदि परिजन अंगदान या नेत्रदान करते हैं, तो शव को उनके घर तक निःशुल्क वाहन से पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। यह कोई आम खबर नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों में संवेदनशीलता की वापसी की शुरुआत है।

रिम्स में बुधवार को आयोजित 59वीं शासी परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने की। साथ ही स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार और कई विधायक तथा वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में मरीजों को बेहतर सेवा देने के उद्देश्य से कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए। इनमें प्रमुख हैं — वेंटिलेटर बेड की संख्या में वृद्धि, PET स्कैन मशीन की स्थापना, प्रशिक्षु नर्सों के वेतन में इजाफा, और निजी प्रैक्टिस पर अंकुश लगाने के लिए इवनिंग पेड ओपीडी की संभावना की जांच।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लंबे समय से कार्यरत अनुबंध कर्मियों को समायोजित किया जाएगा। साथ ही GDMO/MO चिकित्सा संवर्ग के लिए नई प्रोन्नति नियमावली तैयार की जाएगी। अस्पताल के अंदर और बाहर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 50% गृह रक्षक और 50% निजी सुरक्षाकर्मी बाह्य स्रोतों से नियुक्त किए जाएंगे। PET स्कैन की सुविधा PPP मोड में शुरू की जाएगी, ताकि कैंसर जैसे गंभीर रोगों की समय पर और सटीक जांच संभव हो सके। इस तरह की सुविधाएं अब सिर्फ महंगे निजी अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेंगी।

रिम्स में कार्यरत प्रशिक्षु नर्सों का मानदेय कोविड काल में मात्र 10,000 रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह न केवल उनके मनोबल को ऊंचा करेगा, बल्कि अस्पताल में नर्सिंग सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। सीनियर रेजिडेंट्स के रिक्त पदों को भी जल्द भरने के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। अस्पताल के व्यवस्थापन के लिए नए पदों जैसे हॉस्पिटल मैनेजर, प्रोटोकॉल पदाधिकारी और डाइटीशियन की संविदा पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है।

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