गिरिडीह जिले के लिए 14 अप्रैल का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि बनकर सामने आया, जब झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के करकमलों से मर्सी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ हुआ। अब गिरिडीह और इसके आस-पास के इलाकों के मरीजों को इलाज के लिए रांची, धनबाद या किसी बड़े शहर की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। यह अस्पताल न केवल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है, बल्कि यह इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि यह हॉस्पिटल गिरिडीह के लिए ‘नई उम्मीद’ है, जो बड़े शहरों जैसी सेवाएं अपने जिले में ही उपलब्ध कराएगा। इस शुभ अवसर पर क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, चिकित्सक और आमजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जो इस उपलब्धि को साझा करने पहुंचे।

इस अस्पताल का सपना झारखंड के प्रतिष्ठित चिकित्सक दिवंगत डॉ. अमित गॉड ने देखा था – एक ऐसा सपना जिसमें गिरिडीह के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही जिले में मिलें। उनके असमय निधन के बावजूद, उनके परिवार और साथियों – रंजीत कुमार गॉड, सुमित गॉड, नीरज शाहबादी, विश्वजीत सिंह (गुड्डू सिंह), और साहिल सलूजा – ने इस सपने को ना सिर्फ जीवित रखा, बल्कि उसे साकार भी किया। मर्सी हॉस्पिटल के सीईओ संजीत नायक ने जानकारी दी कि अस्पताल को तीन चरणों में शुरू किया जाएगा। पहले चरण में ओपीडी, डायलिसिस, दंत चिकित्सा, सीटी स्कैन, टीएमटी जैसी सेवाएं चालू कर दी गई हैं। जल्द ही इमरजेंसी, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और अंततः कार्डियोलॉजी, एंजियोग्राफी और हार्ट कैथ लैब जैसी सुविधाएं शुरू की जाएंगी। मर्सी हॉस्पिटल अब सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि गिरिडीह की सेहत की नई पहचान बनेगा – एक ऐसा संस्थान जो सच्चे मायनों में जनता के लिए, जनता के साथ खड़ा रहेगा।













