गिरिडीह के ऐतिहासिक कुटिया मंदिर में 10 अप्रैल से लेकर हनुमान जयंती तक आध्यात्मिक भक्ति की बयार बहती रही। पांच विद्वान पंडितों ने लगातार अखंड हनुमान चालीसा का पाठ किया, 11 अप्रैल की संध्या को भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि गूंज उठी। 12 अप्रैल को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर 31 किलो दूध से भगवान हनुमान का अभिषेक किया गया,

वहीं 501 श्रद्धालु महिलाओं ने एक स्वर में सुन्दरकाण्ड का पाठ किया। इस पाठ को सुरीले संगीत में संजोया गया जिसे भजन गायक सुनील केडिया (मीठू भाईया) के द्वारा प्रस्तुत किया गया , जिससे मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर हो उठा।

आयोजन में महाआरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें 93 श्रद्धालुओं ने 56 भोग अर्पित किए और 31 भक्तों ने सवामणी चढ़ाई। श्रद्धालुओं की भावनात्मक आस्था और सेवा भाव ने यह सिद्ध कर दिया कि गिरिडीह का कुटिया मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था का जीवंत केंद्र है।आयोजन की सफलता में राजेश जालान, मिट्ठू खंडेलवाल, पप्पू गोयनका, मुकेश जालान, संजय भूदोलिया, पुनीत टिबड़ेवाल और पप्पू झुनझुनवाला समेत सैकड़ों स्थानीय नागरिकों की अहम भूमिका रही। यह आयोजन एक उदाहरण है कि कैसे सामूहिक प्रयासों से परंपरा और भक्ति को जीवंत रखा जा सकता है।












