झारखंड के गिरिडीह ज़िले के तिसरी अंचल में रजिस्टर टू की सत्यापित प्रति न मिलने से किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है। हाईकोर्ट के आदेश और सरकार के सर्वे वादे के बावजूद ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज किसानों ने झंडा मैदान में किसान पंचायत बुलाकर “करो या मरो” के संकल्प के साथ अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। किसान जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर सर्वे से पहले रजिस्टर टू की पारदर्शिता सामने नहीं आई, तो गरीब किसानों की जमीनें भूमाफियाओं के नाम हो जाएंगी।

किसानों का आरोप है कि तिसरी, बेंगाबाद और गिरिडीह अंचल में भ्रष्ट अधिकारियों ने आदिवासी और मूलवासी किसानों की जमीनें भूमाफियाओं के नाम पर चढ़ा दी हैं। वे पूछ रहे हैं कि जब खतियान में आदिवासी का नाम है, तो उसमें गैर-आदिवासी का नाम कैसे आया? किसानों ने दो बार फीस जमा कर सत्यापित प्रति मांगी, लेकिन अब तक नहीं मिली। किसान जनता पार्टी का कहना है कि यह लड़ाई अब सिर्फ अधिकार की नहीं, बल्कि असली मालिक की ज़मीन बचाने की लड़ाई बन चुकी है – और वे इसके लिए जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।













