गिरिडीह जिले के माधवडीह गांव में रामनवमी के पावन अवसर पर शौर्य और परंपरा के प्रतीक ‘लाठी खेल’ के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। 58 वर्षीय सुखदेव यादव अपने बेटे के साथ पूरे जोश और उत्साह से लाठी खेल रहे थे, लेकिन खेल के बीच ही उन्हें सीने में तेज दर्द उठा। हिम्मत के साथ उन्होंने अपनी लाठी साथी को थमाई और बैठने की कोशिश की, मगर कुछ ही पल में ज़मीन पर गिर पड़े। ग्रामीण और परिजन तत्काल डॉक्टर के पास लेकर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी — डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रामनवमी के जश्न में डूबा गांव, एक पल में शोक में बदल गया। रविवार शाम का अखाड़ा, जहां अस्त्र-शस्त्र के करतबों की गूंज थी, अब सन्नाटा ओढ़े खड़ा है। लोगों का कहना है कि खेल के दौरान सुखदेव यादव को दिल का दौरा पड़ा था। उनका बेटा, जो उस वक्त पिता संग खेल में शामिल था, बेसुध नजर आया। गांव में इस घटना ने हर दिल को झकझोर दिया है, और सवाल उठाता है कि पारंपरिक उत्सवों में भाग लेते समय हमारी स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी ध्यान देना कितना जरूरी है।












