गिरिडीह झारखंड के चोंगाखार पंचायत से एक प्रेरणादायक महिला की कहानी का अंत हो गया। पंचायत के पूर्व मुखिया सह वर्तमान मुखिया प्रतिनिधि रामलखन वर्मा की माता करमी देवी का शुक्रवार की शाम करीब साढ़े 6 बजे 100 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। करमी देवी सिर्फ उम्र में नहीं, बल्कि हिम्मत में भी मिसाल थीं। नब्बे के दशक में, जब उग्रवाद चरम पर था और उनके पति लखपति महतो की 1995 में माओवादी उग्रवादियों ने निर्मम हत्या कर दी थी,

तब भी करमी देवी ने हार नहीं मानी। घर जला दिए जाने और परिवार के बिखरने के बाद भी उन्होंने साहस और संघर्ष की मिसाल पेश की। उनके निधन की खबर मिलते ही बगोदर विधायक नागेंद्र महतो समेत सैकड़ों लोग उनके गुरहा गांव स्थित आवास पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। करमी देवी अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गईं, लेकिन उनके साहस की कहानी हमेशा जीवित रहेगी।












