गिरिडीह के तिसरी प्रखंड स्थित शाखम मध्य विद्यालय में आदिवासी और पिछड़े समाज के बच्चों से साइकिल वितरण के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि हेडमास्टर सुरेंद्र नायक ने बच्चों से 1000-1000 रुपए लिए, जबकि सरकार यह साइकिल निःशुल्क दे रही है। बच्चों के मुताबिक, जिनके पास देने को पैसा नहीं था, उनसे भी आधी रकम लेकर दबाव बनाया गया। हेडमास्टर ने भाड़ा के नाम पर केवल 100 रुपए लेने की बात कही, लेकिन गरीब परिवारों के लिए ये ‘भाड़ा’ बोझ बन गया। कल्याण योजनाओं के नाम पर गरीब छात्रों से पैसे वसूलने का यह मामला शिक्षा विभाग की निगरानी और जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करता है।












