गिरिडीह : भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। झामुमो नेता कृष्ण मुरारी शर्मा, नन्दलाल शर्मा, गणेश ठाकुर समेत अन्य नेताओं ने कर्पूरी ठाकुर चौक पर उन्हें याद किया। कृष्ण मुरारी शर्मा ने कर्पूरी ठाकुर को सामाजिक न्याय के पुरोधा बताते हुए कहा कि वे हमेशा दलित, शोषित और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए संघर्ष करते रहे। उनकी सादगी, ईमानदारी और दृढ़ इच्छाशक्ति उन्हें जननायक बना दी।

नन्दलाल शर्मा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का योगदान उत्तर भारत की राजनीति में राममनोहर लोहिया के साथ समान था। उनका जीवन समाजवाद और सामाजिक समानता के लिए एक मिसाल था। कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी 1924 को पितौंझिया गांव में हुआ था। उन्होंने 1942 के असहयोग आंदोलन में भाग लिया और 1952 में बिहार विधानसभा चुनाव जीता। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की। 17 फरवरी 1988 को उनका निधन हुआ। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। गणेश ठाकुर ने कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका दूरदर्शी नेतृत्व और समाज के प्रति प्रतिबद्धता भारतीय राजनीति पर हमेशा अमिट छाप छोड़ता रहेगा।












