गांवों में बनी नल जल योजना अब महज शोभा बनकर रह गई है, जहां सरकारी फंड की बर्बादी और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण जल मीनारों का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। झारखंड के अमतरो पंचायत के ग्राम धनेता में बने जल मीनारों से आज तक किसी भी घर में पानी नहीं पहुंचा। दो साल से खड़ी ये जल मीनारें अब सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि मोटर के स्टार्टर तक संवेदकों ने चुरा लिए। ग्रामीणों को पानी के लिए सरकारी स्कूलों से एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जबकि ये योजना सरकार के जनकल्याण कार्यों का हिस्सा थी। यह घोटाला और अधिकारियों की लापरवाही झारखंड सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।













